Medical professionals Urgently need PPE Kit and N95 Masks to fight Covid 19

सेवा में , प्रधानमन्त्री जी
हमारे डॉक्टर और नर्सेस कोरोना से एक बेहद मुश्किल लड़ाई लड़ रहे है. इस लड़ाई में उन्हें भी कोरोना से संक्रमित होने का पूरा ख़तरा है . अभी तक सत्तर से अधिक डाक्टर और नर्से कोरोना संक्रमित मरीजो का ईलाज करते हुए स्वयं कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके है .उनके संक्रमित होने की एक मात्र वजह उनके पास कोरोना वायरस से बचने के लिए PPE Kit की कमी है. PPE Kit में मास्क , चश्मा, दस्ताने और चेहरे के लिए कवर होता है जो उन सभी डाक्टरों , नर्सो के लिए जरूरी है जो कोरोना संक्रमितो की जांच , टेस्टिंग और ईलाज से जुड़े होते है .PPE Kit की कमी का मतलब हमारे डाक्टरों के ही जीवन को खतरे में डालना है . अभी तक हमारे देश में ही सत्तर से अधिक डाक्टर और नर्से कोरोना से संक्रमित हो चुके है .

सरकार को चाहिए

वह सर्वोत्तम गुणवत्ता के PPE Kit की सबसे बड़ी जरूरत मानकर अबाध पूरी सुनिश्चित करे .अगर हमारे डाक्टर और नर्स ही कोरोना संक्रमित मरीजो के ईलाज में स्वयं असुरक्षित है और यह पूरे देश के स्वास्थ्य के लिए बेहद चिंता की बात है . कोरोना से लड़ने में डाक्टर और नर्स ही हमारे सैनिक है जो हमें कोरोना से बचाने में अपनी जान की बाजी लगा रहे है. वैसे भी स्वास्थ्य पर भारत का खर्च विश्व में सबसे निचले पायदान पर है. अगर कोरोना संकट के मद्देनजर हमारी सर्कार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सबसे ऊपर नहीं रखा तो भारत का भविष्य बेहद अंधकार में है .हम इस महामारी से सिर्फ तभी लड़ सकते है जब हमारे डाक्टर खुद को सुरक्षित महसूस करें और हमारे अस्पताल वेंटीलेटर जैसी सुविधाओ से युक्त हो .

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Medical professionals Urgently need PPE Kit and N95 Masks to fight Covid 19

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प्रधानमंत्री जी आपसे निवेदन है कि कोरोना से लड़ रहे हमारे डाक्टरों ,नर्सो को उनके जीवन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण PPE Kit अविलम्ब उपलब्ध कराने की कृपा करें .
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SppedUp test for corona

दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते है कि कोरोना जैसे संक्रमण से बचाव के तीन जरूरी कदम है .
१.बड़े पैमाने पर टेस्ट किये जाए .
२.संक्रमित लोगो को अलग करो ,
३.सोशल डिस्टेंसिंग यानि लोगो को भीडभाड में जाने से रोका जाय .
भारत में लाक डाउन जैसे कदम की देर से ही सही , मगर पहले कदम के रूप में ही शुरुआत तो कर दी गयी मगर पहले दोनों उपायों के बारे में सरकार कछुए की चाल चल रही है .
भारत में प्रतिदिन होने वाले टेस्ट बेहद धीमी गति से चल रहे है . टेस्ट की धीमी गति की वजह से कोरोना से संक्रमित लोगो को भी उनकी पहचान ना होने की वजह से समाज में उनके ठीक होने तक उन्हें अलग रखना संभव ही नहीं हो पा रहा है .
इसे ऐसे भी कहा जा सकता है कि हमने संक्रमित लोगो को समाज में महज इस लिए संक्रमण फैलाने से रोक नहीं पा रहे है क्यों कि हमने अभी तक उनकी पहचान ही नहीं की है .
जाहिर सी बात है संक्रमित लोगो को जितनी जल्दी समाज से अलग थलग करके उनका इलाज किया जाय , कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए यह बेहद जरूरी है .
भारत में प्रतिदिन होने वाली कोरोना की जांच देश की जनसख्या के लिहाज से बहुत ही कम है . भारत में कोरोना वायरस की जांच की कम संख्या की वजह से ही भारत में कोरोना संक्रमित केस भी कम सामने आ रहे है . कोरोना संक्रमित केस का बाहर ना आने से और भी अधिक खतरनाक स्थिति हो सकती है .

कोरोना टेस्ट की संख्या में तेजी लाई जाय .

दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते है कि कोरोना जैसे संक्रमण से बचाव के तीन जरूरी कदम है .
१.बड़े पैमाने पर टेस्ट किये जाए .
२.संक्रमित लोगो को अलग करो ,
३.सोशल डिस्टेंसिंग यानि लोगो को भीडभाड में जाने से रोका जाय .
भारत में लाक डाउन जैसे कदम की देर से ही सही , मगर पहले कदम के रूप में ही शुरुआत तो कर दी गयी मगर पहले दोनों उपायों के बारे में सरकार कछुए की चाल चल रही है .
भारत में प्रतिदिन होने वाले टेस्ट बेहद धीमी गति से चल रहे है . टेस्ट की धीमी गति की वजह से कोरोना से संक्रमित लोगो को भी उनकी पहचान ना होने की वजह से समाज में उनके ठीक होने तक उन्हें अलग रखना संभव ही नहीं हो पा रहा है .
इसे ऐसे भी कहा जा सकता है कि हमने संक्रमित लोगो को समाज में महज इस लिए संक्रमण फैलाने से रोक नहीं पा रहे है क्यों कि हमने अभी तक उनकी पहचान ही नहीं की है .
जाहिर सी बात है संक्रमित लोगो को जितनी जल्दी समाज से अलग थलग करके उनका इलाज किया जाय , कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए यह बेहद जरूरी है .
भारत में प्रतिदिन होने वाली कोरोना की जांच देश की जनसख्या के लिहाज से बहुत ही कम है . भारत में कोरोना वायरस की जांच की कम संख्या की वजह से ही भारत में कोरोना संक्रमित केस भी कम सामने आ रहे है . कोरोना संक्रमित केस का बाहर ना आने से और भी अधिक खतरनाक स्थिति हो सकती है .

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हम सरकार से अपील करते है कि देश को शीघ्र से शीघ्र संक्रमण से बचाने के लिए कोरोना के टेस्ट की संख्या बढाई जाय ,जिससे संक्रमित लोगो को जल्द से जल्द अलग थलग करके उनके संक्रमण फैलाने से रोका जा सके .
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कोरोना से निपटने के लिए कांग्रेस पार्टी के सरकार को दिए सुझाव

कोरोना से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने विपक्षी पार्टियों से सुझाव माँगे, तो कांग्रेस ने ये 05 सुझाव दिए हैं:
1-मीडिया को दिए जाने वाले विज्ञापन पर सरकार तत्काल 02 साल तक के लिए प्रतिबन्ध लगाए। अभी
केवल केन्द्र सरकार प्रतिवर्ष 1250 करोड रूपये मीडिया में विज्ञापनों खर्च कर रही है, इसमें सरकारी कम्पनियों
द्वारा खर्च किया गया पैसा शामिल नहीं है।
2-नया संसद भवन बनाने के लिए 20,000 करोड़ रूपये जो खर्च किया जाना है, उसे इस महामारी से निपटने पर खर्च किया जाए।
3- संवैधानिक पदाधिकारियों और केन्द्रीय स्कीमों में 30 प्रतिशत पैसे में की गयी कमी को मज़दूरों, छोटे उद्योगों,
असंगठित क्षेत्र खर्च किया जाए।
4-प्रधानमंत्री, मन्त्रियों और अधिकारियों के विदेश दौरों पर रोक लगे।
5- PM Care Fund से पैसा PMNR Fund में ट्रांसफ़र किया जाए।

कोरोना से निपटने के लिए कांग्रेस पार्टी के सरकार को दिए सुझाव

कोरोना से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने विपक्षी पार्टियों से सुझाव माँगे, तो कांग्रेस ने ये 05 सुझाव दिए हैं:
1-मीडिया को दिए जाने वाले विज्ञापन पर सरकार तत्काल 02 साल तक के लिए प्रतिबन्ध लगाए। अभी
केवल केन्द्र सरकार प्रतिवर्ष 1250 करोड रूपये मीडिया में विज्ञापनों खर्च कर रही है, इसमें सरकारी कम्पनियों
द्वारा खर्च किया गया पैसा शामिल नहीं है।
2-नया संसद भवन बनाने के लिए 20,000 करोड़ रूपये जो खर्च किया जाना है, उसे इस महामारी से निपटने पर खर्च किया जाए।
3- संवैधानिक पदाधिकारियों और केन्द्रीय स्कीमों में 30 प्रतिशत पैसे में की गयी कमी को मज़दूरों, छोटे उद्योगों,
असंगठित क्षेत्र खर्च किया जाए।
4-प्रधानमंत्री, मन्त्रियों और अधिकारियों के विदेश दौरों पर रोक लगे।
5- PM Care Fund से पैसा PMNR Fund में ट्रांसफ़र किया जाए।

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कांग्रेस पार्टी द्वारा दिए गये इन सुझावों को मेरा पूरा समर्थन है .
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Sign the Petition to save our Docotos

Dcotors are Saviour of Mankind

protection from Covid19 is their first requirement

मोदी सरकार के खिलाफ़ यूनाइटेड नर्स एसोसिएशन पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

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“When you see those in healthcare who don’t get this burn-out, they are very motherly, fatherly, or loving and attentive with the patients. [These] wonderful caretakers, doctors, and nurses don’t get as much burn-out as people who are more defensive of the feelings and suffering of others.” ~ Matthieu Ricard

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One reason for the tremendous increase in health-care costs in the India is managerial neglect of the "hotel services" by the people who dominate the hospital, such as doctors and nurses.